इस नवरात्री के हैं ये 9 रंग, आप सूट से लेकर साड़ी तक में कर सकते हैं एक्सपेरिमेंट….

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चैत्र नवरात्र 22 मार्च 2023 से शुरू हो रही है और 30 मार्च को समाप्त हो रहे हैं। इन नौ दिनों में हर कोई माँ दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए पूजा और मंत्र जाप करेगा। लेकिन इस के साथ हम आपको कुछ रंगों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप इन 9 दिनों के दौरान पहनने चाहिए। आज हम आपको इन रंगों के महत्व के बारे में बताने जा रहे हैं।

यह वर्ष का ऐसा समय है जब हिंदू चैत्र नवरात्रि के शुभ त्यौहार को मनाया जाएगा। नौ दिवसीय यह त्योहार हिंदू लूनी-सौर कैलेंडर के पहले महीने चैत्र के पहले दिन से शुरू होता है, जो अक्सर मार्च में या फिर अप्रैल में पड़ता है। इन नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि या वसंत नवरात्रि के रूप में जाना जाता है। और इस दौरान ही भगवान राम का जन्मदिन भी पड़ता है, जिसे रामनवमी के रूप में मनाया जाता है। चैत्र नवरात्रि के सभी नौ दिन मां को समर्पित हैं। इनके क्रम हैं- शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। चलिए जान लेते हैं नवरात्री के 9 दिन कौन से रंग के कपड़े पहनने चाहिए और उनसे क्या फायदा हैं-

नवरात्रि के नव रंग और उनका महत्व
पहला दिन – रॉयल ब्लू
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन रॉयल ब्लू पहनकर उत्सव में भाग लेना चाहिए। यह रंग समृद्धि और शांति का प्रतिनिधित्व करता है।

दूसरा दिन – पीला
पीला रंग पहनने से व्यक्ति को डिवाइन आशावाद और असीम आनंद के साथ नवरात्रि परंपराओं का आनंद लेने में मदद मिलेगी। यह एक उत्साह वर्धक रंग है जो व्यक्ति को पूरे दिन पोजिटिव रखता है।

तीसरा दिन- हरा
हरा रंग प्रकृति का प्रतीक होता है और विकास व, उर्वरता की भावना पैदा करता है। हरा रंग जीवन में नई शुरुआत का भी प्रतिनिधित्व करता है और शांति प्रदान करता है।

चौथा दिन – ग्रे
ग्रे कलर संतुलित भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है और व्यक्ति को जमीन से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करता है।

पांचवा दिन- नारंगी
ओरेंज रंग के कपड़ों में देवी शक्ति की पूजा करने से ऐक्टिवनेस और उत्साह जैसे गुण प्राप्त होते हैं। यह रंग सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर है और व्यक्ति को हर समय उत्साहित रखता है।

छठा दिन – सफेद
सफेद रंग शुद्धता और मासूमियत का प्रतीक है। देवी आशीर्वाद के योग्य बनने और आंतरिक शांति और सुरक्षा का अनुभव करने के लिए छठे दिन सफेद रंग के कपड़े पहनें।

सातवां दिन- लाल
लाल रंग जोश और प्यार का प्रतीक है और देवी माँ को दी जाने वाली चुनरी का सबसे पसंदीदा रंग भी है। यह भक्तों को जोश और जीवन शक्ति से भर देता है।

आठवां दिन – नीला
नीला रंग सीधे आकाश से जुड़ा है, यह प्रकृति की विशालता और अबाध चरित्र का प्रतीक है। दृष्टि का विस्तार करने के लिए इसे पहनें।

दिवस 9 – गुलाबी
गुलाबी रंग यूनिवर्सल प्रेम, स्नेह और सद्भाव का प्रतीक है। यह एक सुंदर रंग है, जो व्यक्ति को सुंदर बनाता है और साथ ही साथ किसी के व्यक्तित्व में आकर्षण व प्रेम को जोड़ता है।

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